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A. MALE – बाल कलाकार

Monologue 01 – माँ से शिकायत (Emotional)​ "मम्मी... आप हमेशा मुझे डाँटती क्यों हो? मैं जानता हूँ कि मुझसे गलतियाँ होती हैं, लेकिन मैं जानबूझकर थोड़ी करता हूँ। जब पापा ऑफिस से आते हैं तो आप उनसे हँसकर बात करती हो, लेकिन मेरे आते ही गुस्सा हो जाती हो। मम्मी, मुझे खिलौने नहीं चाहिए, महंगे कपड़े भी नहीं चाहिए। बस आप मेरे साथ थोड़ा समय बिताया करो। मैं स्कूल से आता हूँ तो आपको बताने के लिए कितनी सारी बातें होती हैं... लेकिन आप सुनती ही नहीं। मम्मी, क्या मैं आपका अच्छा बेटा नहीं हूँ?"

Monologue 02 – मैं डरपोक नहीं हूँ (Confidence) "सब लोग मुझे छोटा समझते हैं। कहते हैं कि तुमसे कुछ नहीं होगा। लेकिन मैं बड़ा होकर पुलिस ऑफिसर बनूँगा। जो लोग दूसरों को परेशान करते हैं, उन्हें पकड़ूँगा। मुझे पता है कि अभी मैं छोटा हूँ, लेकिन मेरे सपने छोटे नहीं हैं। आप देख लेना, एक दिन मैं ऐसा काम करूँगा कि मेरे मम्मी-पापा को मुझ पर गर्व होगा!"

Monologue 03 – दोस्ती का मतलब (Innocent Drama) "कल मेरा दोस्त स्कूल नहीं आया था। मैंने उससे पूछा भी नहीं कि वह क्यों नहीं आया। आज पता चला कि उसकी तबीयत खराब थी। मुझे बहुत बुरा लगा। जब मेरे पास टिफिन नहीं होता, तो वह अपना खाना मुझे दे देता है। और जब उसके पास पेंसिल नहीं होती, तो मैं अपनी पेंसिल दे देता हूँ। मम्मी कहती हैं कि अच्छे दोस्त किस्मत से मिलते हैं। अब मैं रोज उसके साथ बैठूँगा। क्योंकि दोस्ती का मतलब सिर्फ साथ खेलना नहीं होता!"

B. FEMALE – बाल कलाकार

Monologue 01 – पापा का इंतजार (Emotional) "पापा... आप आज भी लेट आएँगे क्या? मैंने आज स्कूल में बहुत अच्छा डांस किया। टीचर ने मुझे स्टार भी दिया है। मैंने सोचा था कि आज आप आएँगे तो आपको दिखाऊँगी। मम्मी ने कहा कि पापा काम में बिजी हैं। पापा, आप मेरे लिए इतना काम क्यों करते हो? मुझे ज्यादा खिलौने नहीं चाहिए। मुझे बस आपके साथ पार्क जाना है, आपके साथ आइसक्रीम खानी है और रात को आपकी कहानी सुननी है। पापा, कल जल्दी आ जाना ना... मैं आपका इंतजार करूँगी।

Monologue 02 – मेरी गुड़िया (Comedy) "मेरी गुड़िया मुझसे बिल्कुल बात नहीं करती। मैं उससे रोज पूछती हूँ कि आज स्कूल में क्या हुआ? लेकिन वह कुछ बोलती ही नहीं। कल मैंने उसे डाँटा भी। कहा कि अगर तुम होमवर्क नहीं करोगी तो तुम्हें चॉकलेट नहीं मिलेगी। फिर मुझे लगा कि शायद उसे भूख लगी होगी। मैंने अपनी चॉकलेट उसे दे दी। मम्मी कहती हैं कि मैं बहुत समझदार हूँ। लेकिन मेरी गुड़िया अभी भी बहुत आलसी है!"

Monologue 03 – मुझे पढ़ना है (Determination) "सब कहते हैं कि लड़कियाँ ज्यादा नहीं पढ़ सकतीं। लेकिन ऐसा क्यों? मेरे भाई को स्कूल भेजते हैं और मुझे घर पर बैठने को कहते हैं। मुझे भी डॉक्टर बनना है। मैं भी बड़े-बड़े अस्पताल में लोगों का इलाज करना चाहती हूँ। मैं छोटी जरूर हूँ, लेकिन मेरे सपने बहुत बड़े हैं। आप मुझे एक मौका दीजिए। मैं सबको दिखा दूँगी कि मैं भी कुछ कर सकती हूँ!"

A. MALE – युवा कलाकार

Monologue 01 – पिता के सामने अपना पक्ष (Emotional) "पापा, आप हमेशा मुझसे कहते हैं कि जिंदगी में कुछ बनकर दिखाना। लेकिन जब मैं कुछ करने की कोशिश करता हूँ तो आप मेरा मजाक उड़ाते हैं। आप चाहते हैं कि मैं आपकी हर बात मानूँ, आपकी तरह बनूँ। लेकिन पापा, मेरी भी अपनी पसंद है, मेरे भी अपने सपने हैं। मैं यह नहीं कहता कि आप गलत हैं। आपने मेरे लिए बहुत कुछ किया है। लेकिन एक बार मेरी जगह खड़े होकर सोचिए। मुझे भी डर लगता है, मुझे भी असफल होने का डर है। बस एक बार मेरा हाथ पकड़कर कह दीजिए कि बेटा, कोशिश कर... मैं तुम्हारे साथ हूँ। यकीन मानिए पापा, मैं आपको कभी निराश नहीं करूँगा।"

Monologue 02 – स्कूल में अपमान (Angry / Intense) "तुम लोग मेरा मजाक उड़ाते हो ना? क्योंकि मेरे पास महंगे जूते नहीं हैं, क्योंकि मैं तुम्हारी तरह बड़े स्कूल में नहीं पढ़ता? लेकिन याद रखना, इंसान की कीमत उसके कपड़ों से नहीं, उसके काम से होती है। आज मेरे पास पैसे नहीं हैं, लेकिन मेहनत करने का जज्बा है। आज तुम मुझ पर हँस रहे हो, कल मेरी सफलता तुम्हें जवाब देगी। मुझे किसी से मुकाबला नहीं करना। मुझे बस खुद को साबित करना है!"

Monologue 03 – पहला प्यार (Romantic) "पता नहीं तुम्हारे सामने आते ही मुझे क्या हो जाता है। जो बातें मैं पूरे स्कूल के सामने आराम से बोल सकता हूँ, वही तुम्हारे सामने आकर भूल जाता हूँ। तुम हँसती हो तो अच्छा लगता है। तुम नाराज होती हो तो पूरा दिन खराब हो जाता है। मैं नहीं जानता इसे प्यार कहते हैं या कुछ और... लेकिन इतना जानता हूँ कि तुम्हारे साथ बिताया हुआ हर पल मुझे याद रहता है। मैं बस इतना चाहता हूँ कि तुम हमेशा खुश रहो।"

B. FEMALE – युवा कलाकार

Monologue 01 – माँ से अपने सपनों की बात (Emotional) "मम्मी, क्या हर लड़की की जिंदगी का फैसला दूसरे लोग ही करेंगे? कभी पापा तय करते हैं कि क्या पहनना है, कभी रिश्तेदार बताते हैं कि कैसे रहना है और कभी समाज कहता है कि ज्यादा सपने मत देखो। लेकिन मम्मी, मेरा भी मन करता है कि मैं अपनी जिंदगी अपने तरीके से जिऊँ। मैं पढ़ना चाहती हूँ, काम करना चाहती हूँ, अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हूँ। मुझे आपकी जरूरत है मम्मी। आप ही तो कहती थीं कि बेटी किसी से कम नहीं होती। फिर आज जब मैं आगे बढ़ना चाहती हूँ तो आप मेरा साथ क्यों नहीं दे रहीं?"

Monologue 02 – धोखे का जवाब (Angry) "तुम्हें लगता है कि मैं तुम्हारी बातों में आकर सब कुछ भूल जाऊँगी? नहीं! मैंने तुम पर भरोसा किया था। अपनी दोस्ती को सच्चा समझा था। लेकिन तुमने मेरी भावनाओं को मजाक बना दिया। याद रखना, मैं कमजोर नहीं हूँ। किसी पर भरोसा करना मेरी गलती हो सकती है, लेकिन तुम्हारे धोखे के बाद टूटकर बैठ जाना मेरी फितरत नहीं। अब मुझे किसी को सफाई नहीं देनी। मुझे सिर्फ अपनी पहचान बनानी है।"

Monologue 03 – मेरी पहचान (Motivational) "मैं सिर्फ किसी की बेटी, बहन या किसी की जिम्मेदारी नहीं हूँ। मेरी अपनी एक पहचान है। मुझे भी मंच पर खड़े होकर बोलना है। मुझे भी कैमरे के सामने अपनी कहानी सुनानी है। लोग क्या कहेंगे, यह सोचकर अगर हर लड़की रुक जाएगी तो बदलाव कैसे आएगा? मैं डरूँगी नहीं। मैं सीखूँगी, गिरूँगी, फिर उठूँगी और आगे बढ़ूँगी। क्योंकि मेरी जिंदगी का फैसला मेरी मेहनत करेगी, लोगों की सोच नहीं!"

CATEGORY 3 –  AGE GROUP : 18 – 40 YEARS

A. MALE – युवा कलाकार

Monologue 01 – परिवार की जिम्मेदारी (Emotional Family Drama) "मुझे पता है कि आप सब मुझसे बहुत उम्मीद रखते हैं। लेकिन कभी किसी ने यह जानने की कोशिश की कि मैं अंदर से कितना परेशान हूँ? सुबह उठता हूँ तो घर की जिम्मेदारियाँ सामने खड़ी होती हैं। नौकरी की चिंता, माँ की दवाई, बहन की पढ़ाई और पिता जी की उम्मीदें... सब कुछ अकेले संभालने की कोशिश करता हूँ। मैं भी इंसान हूँ। मेरा भी मन करता है कि कभी बिना किसी चिंता के जीऊँ। कभी दोस्तों के साथ बैठूँ, हँसूँ, घूमूँ। लेकिन क्या करूँ? जब घर का बड़ा बेटा बन जाता हूँ, तो अपनी खुशियों से पहले परिवार की जरूरतें दिखाई देने लगती हैं। मुझे किसी से शिकायत नहीं है। बस कभी-कभी मन करता है कि कोई मुझसे भी पूछे... बेटा, तू ठीक तो है?"

Monologue 02 – अब हिसाब होगा (Crime / Thriller / Angry) "तुमने शायद मुझे बहुत हल्के में ले लिया है। मैं चुप था, इसका मतलब यह नहीं कि मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। तुम्हारे हर झूठ का हिसाब मेरे पास है। किससे मिले, किसे धोखा दिया, किसके पैसे खाए... सब पता है मुझे। मैं पुलिस के पास भी जा सकता था, लेकिन मुझे पहले यह जानना था कि इस खेल के पीछे असली खिलाड़ी कौन है। अब तुम्हारे पास सिर्फ दो रास्ते हैं। या तो सच बोल दो, या फिर अपने झूठ के साथ सबके सामने बेनकाब होने के लिए तैयार हो जाओ। और हाँ... इस बार कहानी तुम्हारे हिसाब से नहीं चलेगी।"

Monologue 03 – प्यार या मजबूरी (Romantic / Emotional) "तुम्हें लगता है कि मैं तुम्हें भूल गया हूँ? सच कहूँ तो कोशिश बहुत की। तुम्हारी तस्वीरें हटा दीं, तुम्हारा नंबर डिलीट कर दिया, उन रास्तों से गुजरना भी छोड़ दिया जहाँ हम मिला करते थे। लेकिन इंसान जगह बदल सकता है, यादें नहीं। मैं तुम्हें वापस पाने की जिद नहीं कर रहा। मैं बस चाहता हूँ कि तुम एक बार मेरी बात सुन लो। अगर तुम्हें लगता है कि मेरे साथ तुम्हारा भविष्य नहीं है, तो मैं तुम्हें रोकूँगा नहीं। लेकिन इतना जरूर जान लेना... मैंने तुम्हें कभी अपने समय का हिस्सा नहीं समझा था। तुम मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा थीं।"

Monologue 04 – चेहरे के पीछे का सच (Negative Character / Villain) "दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं। एक वो जो मेहनत करके अपनी जगह बनाते हैं और दूसरे वो जो दूसरों की मेहनत पर राज करते हैं। मैं दूसरी तरह का इंसान हूँ। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि मेरे सामने कौन खड़ा है। मुझे सिर्फ अपना फायदा दिखाई देता है। लोग मुझे बुरा कहते हैं, लेकिन मैं उनसे एक सवाल पूछता हूँ... इस दुनिया में अच्छा बनकर आखिर मिला किसे है? यहाँ ईमानदारी की कीमत नहीं, ताकत की कीमत होती है। और मेरे पास दोनों हैं... ताकत भी और उसे इस्तेमाल करने का हुनर भी।"

B. FEMALE – युवा कलाकार

Monologue 01 – टूटकर भी मजबूत (Emotional / Family Drama) "मैंने कभी अपने परिवार से बहुत बड़ी चीजें नहीं माँगीं। बस इतना चाहा कि जब मैं कोई फैसला लूँ, तो कम से कम एक बार मेरी बात सुनी जाए। हर बार मुझे समझाया जाता है कि घर की इज्जत सबसे जरूरी है। लेकिन क्या मेरी इज्जत, मेरी खुशी और मेरे सपने कोई मायने नहीं रखते? मैंने अपनी पढ़ाई छोड़ी, अपनी पसंद छोड़ी, कई बार अपने फैसले भी बदल दिए... सिर्फ इसलिए कि घर में किसी को बुरा न लगे। लेकिन अब और नहीं। मैं किसी से लड़ना नहीं चाहती। मैं बस अपनी जिंदगी जीना चाहती हूँ। अगर अपने पैरों पर खड़ा होना और अपनी पहचान बनाना गलत है, तो हाँ... मैं यह गलती जरूर करूँगी।"

Monologue 02 – आखिरी चेतावनी (Crime / Thriller / Angry) "तुम्हारी सबसे बड़ी गलती पता है क्या थी? तुमने मुझे कमजोर समझ लिया। मैंने तुम्हारी हर बात पर भरोसा किया। तुम्हारे हर झूठ को सच मानती रही। लेकिन अब मेरे पास तुम्हारे सारे जवाब हैं। तुमने सोचा था कि डराकर मुझे चुप करा दोगे? नहीं! मैंने जिंदगी में बहुत कुछ खोया है, लेकिन अब खोने के लिए मेरे पास कुछ नहीं बचा। अब मैं तुम्हारे सामने रोने नहीं आई हूँ। मैं तुम्हें यह बताने आई हूँ कि तुम्हारा खेल खत्म हो चुका है। और याद रखना... जब एक औरत सच जान लेती है, तो उसे रोकना आसान नहीं होता।"

Monologue 03 – एक अधूरी मुलाकात (Romantic / Emotional) "तुमसे मिलने के बाद मुझे पहली बार लगा था कि शायद जिंदगी इतनी भी मुश्किल नहीं है। तुम्हारी छोटी-छोटी बातें, बिना वजह हँसना, मेरा इंतजार करना... सब कुछ कितना अच्छा लगता था। लेकिन शायद हम दोनों का मिलना सिर्फ एक खूबसूरत याद बनने के लिए था। मैंने कभी तुमसे वादे नहीं माँगे। बस इतना चाहा था कि जब भी मुश्किल समय आए, तुम मेरा हाथ मत छोड़ना। आज तुम जा रहे हो, तो मैं तुम्हें रोकूँगी नहीं। बस एक बात याद रखना... हर कोई प्यार नहीं करता और जो करता है, वह हर बार दोबारा प्यार नहीं कर पाता।"

Monologue 04 – मुस्कान के पीछे (Psychological / Negative Character) "तुम मुझे बहुत अच्छी तरह जानते हो, है ना? तुम्हें लगता है कि मैं बहुत सीधी हूँ, बहुत मासूम हूँ। यही तो तुम्हारी सबसे बड़ी गलतफहमी है। मैं लोगों को बोलते हुए कम और चुप रहते हुए ज्यादा समझती हूँ। कौन क्या छिपा रहा है, किसके मन में क्या चल रहा है... सब समझ जाती हूँ। मैंने तुम्हें कई मौके दिए, लेकिन तुमने हर बार मेरी अच्छाई का फायदा उठाया। अब मैं तुम्हें रोकूँगी नहीं। जाओ, अपनी जिंदगी जियो। बस एक बात याद रखना... हर मुस्कुराता हुआ चेहरा भरोसे के लायक नहीं होता।"

CATEGORY 4 –  AGE GROUP : 41 + YEARS

A. MALE – वरिष्ठ पुरुष कलाकार

Monologue 01 – पिता का दर्द (Emotional / Family Drama) "बेटा, जब तुम छोटे थे ना, तो रात-रात भर तुम्हारे सिरहाने बैठा रहता था। तुम्हें बुखार आता था तो मेरी रातों की नींद उड़ जाती थी। तुम्हारी एक मुस्कान के लिए मैंने अपनी कितनी इच्छाएँ दबा दीं, इसका कभी हिसाब नहीं रखा। आज तुम बड़े हो गए हो। तुम्हारे पास पैसे हैं, गाड़ी है, अपना घर है। यह सब देखकर मुझे बहुत खुशी होती है। लेकिन एक बात समझ नहीं आती... जिस बेटे के लिए मैंने पूरी जिंदगी लगा दी, आज उसी बेटे से बात करने के लिए मुझे समय माँगना पड़ता है। मुझे तुमसे पैसे नहीं चाहिए बेटा। मुझे बस थोड़ा सा समय चाहिए। क्योंकि अब उम्र ऐसी हो गई है कि इंतजार तो कर सकता हूँ... लेकिन शायद बहुत लंबे समय तक नहीं।"

Monologue 02 – गाँव का फैसला (Powerful / Political Drama) "पिछले चालीस साल से इस गाँव में रह रहा हूँ। यहाँ किसके घर में चूल्हा जलता है और किसके घर में चूल्हा बुझा रहता है, सब जानता हूँ। मैंने इस गाँव को बनते हुए देखा है। लोगों को जमीन के लिए लड़ते देखा है, भाई को भाई का दुश्मन बनते देखा है। लेकिन आज जो हो रहा है, वह बर्दाश्त नहीं होगा। पंचायत में फैसला भावनाओं से नहीं, सबूतों से होगा। जिसने गरीब की जमीन छीनी है, उसे जमीन वापस करनी पड़ेगी। और जिसने इस गाँव की इज्जत पर हाथ डाला है, उसे पूरे गाँव के सामने जवाब देना होगा। याद रखना... कुर्सी बड़ी नहीं होती, उस पर बैठने वाले का चरित्र बड़ा होना चाहिए।"

Monologue 03 – पुराना खिलाड़ी (Crime / Thriller / Villain) "तुम लोग मुझे गिरफ्तार करने आए हो? बहुत अच्छा। लेकिन एक बात बताऊँ... तुम जिस आदमी को ढूँढ़ रहे हो, वह तुम्हारे सामने कभी था ही नहीं। पिछले बीस साल से तुम मेरे पीछे भाग रहे हो। हर बार कोई न कोई मेरे नाम पर पकड़ा जाता है और तुम अपनी फाइल बंद कर देते हो। तुम्हारी वर्दी का सम्मान करता हूँ, इसलिए एक सलाह दे रहा हूँ। इस केस को यहीं छोड़ दो। कुछ दरवाजे ऐसे होते हैं जिन्हें खोलने के बाद इंसान वापस पहले जैसा नहीं रहता। तुम जवान हो, तुम्हारे आगे पूरी जिंदगी पड़ी है। मेरी उम्र निकल चुकी है... लेकिन खेल अभी खत्म नहीं हुआ।"

Monologue 04 – जीवन का अनुभव (Serious / Motivational) "जिंदगी में मैंने बहुत कुछ देखा है। पैसा भी कमाया, रिश्ते भी बनाए और अपनों को दूर जाते हुए भी देखा। एक समय था जब लगता था कि पैसा ही सब कुछ है। जिसके पास पैसा है, वही सबसे बड़ा आदमी है। लेकिन उम्र के साथ समझ आया कि पैसा घर तो खरीद सकता है, घर में रहने वाले अपने लोग नहीं। इज्जत कमाने में पूरी जिंदगी लग जाती है और खोने में सिर्फ एक गलती काफी होती है। इसलिए अपने बच्चों से हमेशा कहता हूँ... बड़ा आदमी बनने से पहले अच्छा इंसान बनना सीखो। क्योंकि आखिर में लोग तुम्हारी दौलत नहीं, तुम्हारा व्यवहार याद रखते हैं।"

B. FEMALE – वरिष्ठ महिला कलाकार

Monologue 01 – माँ की आखिरी उम्मीद (Emotional / Family Drama) "मैंने अपनी पूरी जिंदगी इस घर को बनाने में लगा दी। जब बच्चे छोटे थे, तो उनकी जरूरतों के लिए अपनी इच्छाएँ छोड़ दीं। कभी खुद के लिए नई साड़ी नहीं खरीदी, लेकिन बच्चों की फीस कभी नहीं रुकने दी। आज सब अपने-अपने घरों में खुश हैं। किसी को नौकरी की चिंता है, किसी को अपने बच्चों की। मैं समझती हूँ, सबकी अपनी जिंदगी है। लेकिन कभी-कभी इस घर में अकेले बैठकर सोचती हूँ... क्या मेरी जिंदगी अब सिर्फ इंतजार करने के लिए रह गई है? मुझे किसी से शिकायत नहीं है। बस जब कभी घर आओ, तो मेरे पास थोड़ी देर बैठ जाया करो। बेटा, माँ बूढ़ी हो सकती है... लेकिन उसका अपने बच्चों के लिए प्यार कभी बूढ़ा नहीं होता।"

Monologue 02 – घर की असली ताकत (Powerful / Family Drama) "तुम सबको लगता है कि इस घर में फैसला सिर्फ पुरुषों का होता है? जब इस घर की नींव रखी जा रही थी, तब तुम्हारे पिता के साथ मैं भी खड़ी थी। जब कारोबार डूब रहा था, तब मैंने अपने गहने बेचकर इस परिवार को संभाला था। जब रिश्तेदारों ने हमारा साथ छोड़ दिया था, तब मैंने ही सबको एक साथ रखा था। आज तुम लोग संपत्ति के बँटवारे की बात कर रहे हो? ठीक है, बाँट लो सब कुछ। मकान, दुकान, जमीन... सब बाँट लो। लेकिन याद रखना, जिस दिन रिश्ते बँट गए ना, उस दिन यह घर सिर्फ ईंट और पत्थर का ढाँचा रह जाएगा। और उस दिन तुम्हें समझ आएगा कि इस घर की असली दौलत क्या थी।"

Monologue 03 – धोखा देने वालों से (Angry / Negative Drama) "तुमने मुझे बहुत कमजोर समझ रखा है। क्योंकि मैं चुप रहती हूँ, क्योंकि मैं घर संभालती हूँ, क्योंकि मैं हर बात पर जवाब नहीं देती। लेकिन मेरी चुप्पी को मेरी हार मत समझना। मैंने इस परिवार के लिए अपनी जिंदगी के पैंतीस साल दिए हैं। कौन अपना है और कौन पराया, यह पहचानने में अब मुझसे गलती नहीं होगी। जिसे मैंने अपने हाथों से बड़ा किया, आज वही मेरी आँखों में आँखें डालकर झूठ बोल रहा है। बहुत सह लिया मैंने। अब फैसला होगा। और इस बार फैसला मैं करूँगी।"

Monologue 04 – अधूरी जिंदगी (Emotional / Social Drama) "जब मेरी शादी हुई थी, तब मेरे भी कुछ सपने थे। मुझे पढ़ना था, नौकरी करनी थी, दुनिया देखनी थी। लेकिन घर की जिम्मेदारियों में कब मेरी उम्र निकल गई, पता ही नहीं चला। पहले बच्चों को बड़ा किया, फिर उनके बच्चों को संभाला। सबकी खुशियों में अपनी खुशी ढूँढ़ती रही। आज जब आईने में खुद को देखती हूँ, तो लगता है कि कहीं वह लड़की पीछे ही छूट गई, जो कभी आसमान छूना चाहती थी। लेकिन अब भी देर नहीं हुई है। मैंने तय किया है कि अब अपने लिए भी जिऊँगी। क्योंकि दूसरों के लिए पूरी जिंदगी जी ली... अब कुछ समय खुद के नाम भी होना चाहिए।"

PURVANCHAL FILM CITY (PFC)

OFFICIAL AUDITION MONOLOGUE SCRIPT BANK

PFC Films • Web Series • Television Serials

​Purvanchal Film City (PFC) के आगामी प्रोजेक्ट्स के लिए Male एवं Female कलाकारों हेतु अलग-अलग आयु वर्ग के अनुसार Original Audition Monologues उपलब्ध कराए गए हैं। इन मोनोलॉग का उद्देश्य कलाकारों की वास्तविक अभिनय क्षमता, आवाज, चेहरे के भाव, डायलॉग डिलीवरी, बॉडी लैंग्वेज एवं स्क्रीन प्रेजेंस का मूल्यांकन करना है।

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HOW TO PARTICIPATE – AUDITION PROCESS

Step 1: अपनी आयु वर्ग (Age Group) के अनुसार Male या Female कैटेगरी चुनें।

Step 2: उपलब्ध Audition Monologues में से अपनी पसंद का कोई भी एक (1) Monologue Select करें।

Step 3: चुने गए मोनोलॉग को अच्छी तरह समझें और उसकी प्रैक्टिस करें।

Step 4: बिना किसी कट या एडिटिंग के अपना Audition Video रिकॉर्ड करें। संवाद बोलते समय चेहरे के भाव, आवाज और बॉडी लैंग्वेज का विशेष ध्यान रखें।

Step 5: तैयार Audition Video को निर्धारित PFC Audition Submission Portal के माध्यम से सबमिट करें।

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IMPORTANT INSTRUCTIONS

  • प्रत्येक कलाकार को केवल एक मोनोलॉग प्रस्तुत करना है।

  • Male कलाकार Male Category और Female कलाकार Female Category से मोनोलॉग चुनें।

  • अपनी वास्तविक उम्र के अनुसार Age Group चुनें।

  • संवाद को पढ़कर नहीं, याद करके प्रस्तुत करें।

  • वीडियो में किसी प्रकार का Background Music या अनावश्यक Editing न करें।

  • वीडियो की Audio और Video Quality स्पष्ट होनी चाहिए।​

 

NOTE: कलाकार अपनी पसंद का कोई भी एक मोनोलॉग चुन सकते हैं। सभी मोनोलॉग PFC के आगामी Films, Web Series एवं Television Serials के लिए प्रारंभिक अभिनय मूल्यांकन हेतु तैयार किए गए हैं।

 

PURVANCHAL FILM CITY (PFC)

Your Talent. Your Performance. Your Opportunity.

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